
e-Setu किसानों को जैविक खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारी, प्राकृतिक पद्धतियों और आधिकारिक MPSOCA प्रमाणीकरण को एक स्थान पर समझने में सहायता प्रदान करता है।
e-Setu किसानों को जैविक खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारी और संसाधनों को एक स्थान पर समझने और एक्सेस करने में सहायता प्रदान करता है। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है, खेती की लागत घटती है और किसानों को मंडी में 20% से 40% तक अधिक मूल्य प्राप्त होता है।

देशी खाद, केंचुआ खाद और प्राकृतिक जीवामृत से समृद्ध मिट्टी में नमी टिकने की क्षमता 40% अधिक होती है।
रासायनिक खादों व कीटनाशकों से मुक्त प्राकृतिक खेती, मिट्टी के जीवांश कार्बन में सुधार और उच्च पोषक मूल्य वाले जैविक उत्पाद।
पारंपरिक भारतीय कृषि विधियों, शून्य बजट प्राकृतिक खेती (ZBNF) और स्थानीय जैविक इनपुट्स का प्रभावी वैज्ञानिक उपयोग।
MPSOCA व NPOP राष्ट्रीय मानकों के तहत 3-वर्षीय रूपांतरण (C1, C2, C3) और एपीडा TraceNet द्वारा वैश्विक प्रमाणीकरण।
पारंपरिक खेत से पूर्ण प्रमाणित जैविक खेत तक पहुँचने का पारदर्शी चरणबद्ध मार्ग।
रासायनिक इनपुट्स बंद कर जैविक खाद व बीजामृत का प्रयोग। मिट्टी प्रोफाइल की बेसलाइन जांच।
मृदा जीवांश कार्बन में 0.5%+ वृद्धि, प्राकृतिक कीट नियंत्रक व हरी खाद (सनई/ढैंचा) का समावेश।
शून्य कीटनाशक अवशेष (NPOP अनुपालन), आधिकारिक MPSOCA ऑर्गेनिक सील व डिजिटल QR कोड जनरेशन।